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माइग्रेन क्या है इन हिंदी

माइग्रेन (migraine)

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migraine

आज हम आपको बताने जा रहा हूँ की माइग्रेन (migraine) क्या है इन हिंदी माइग्रेन (migraine) के दर्द से छुटकारा दिलाने वाले कुछ उपाय बताने जा रहा हूं | जिनका प्रयोग करके आप हमेशा के लिए माइग्रेन (migraine) के दर्द से मुक्ति पा सकते हैं | यह दर्द आधे सिर में होता है | राइट साइड या लेफ्ट साइड पूरे सिर में नहीं होता है | माइग्रेन (migraine) का दर्द सूर्य निकलने के साथ-साथ दर्द बढ़ता है | जैसे जैसे दोपहर होती जाती है | दर्द अधिक होता चला जाता है | जब सूर्य अस्त होने लगता है तो दर्द भी धीरे-धीरे कम होने लगता है | माइग्रेन को आधे सिर का दर्द या अर्धकपारी भी कहा जाता है | माइग्रेन (migraine) का पूर्ण इलाज हम आपको बताने जा रहे हैं | जिनका प्रयोग करके आप माइग्रेन (migraine) के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं | 


माइग्रेन के लक्षण  


माइग्रेन (migraine) के रोगी के आधे सिर में दायी या बायीं तरफ दर्द होता है |माइग्रेन में पूरे सिर में दर्द नहीं होता है | लाइट की तरफ देखने पर लाइन जैसी दिखती है | दर्द के साथ साथ उल्टी होने की इच्छा होती है | माइग्रेन (migraine) का रोगी  चिड़चिड़ा और आंखों की समस्या से ग्रस्त हो जाता है | माइग्रेन (migraine)का दर्द रात में कम होता है | 

माइग्रेन क्यों होता है ? 


माइग्रेन (migraine) का रोग कई कारणों से हो सकता है | जैसे लंबे समय से नजला,जुखाम रहना,शरीर के अन्य अंग रोग ग्रस्त होना, पुरानी कब्ज होने से भी यह रोग उत्पन्न होता है | आंखों की बीमारियों से भी माइग्रेन (migraine) हो सकता है | ज्यादा कमजोरी आ जाने से भी माइग्रेन (migraine) हो सकता है | ज्यादा मेहनत करने से और ज्यादा मानसिक तनाव में रहने से भी यह रोग हो जाता है | ज्यादा दवाइयों का सेवन करने से भी माइग्रेन (migraine) रोग हो जाता है | महिलाओ में मासिकधर्म की गड़बड़ी के कारण भी माइग्रेन (migraine) रोग हो जाता है | 


माइग्रेन में क्या नहीं खाना चाहिए ?  


माइग्रेन (migraine) के रोगी को ज्यादा तेल मसालेदार भोजन नहीं खाना चाहिए | डिब्बाबंद खाना तथा बाहर के फास्ट फूड  और अधिक मिठाइयां नहीं खाना चाहिए | इनका सेवन करने से माइग्रेन (migraine) का रोग और बढ़ जाता है | इसलिए माइग्रेन (migraine) के रोगी को इन सभी चीजों को नहीं खाना चाहिए | 


माइग्रेन में क्या खाना चाहिए ?

माइग्रेन (migraine) के रोगियों अपने खाने में  फलों का रस और सब्जियों का रस का अधिक सेवन करना चाहिए | जिनमें  नारियल,पानी,ककड़ी,पत्ता,गोभी,गाजर,चुकंदर इन सभी का रस खाने में प्रयोग करना चाहिए |  

माइग्रेन (migraine) के रोगी बथुआ,अंजीर,आमला,मेथी,नींबू,अनार,अमरूद,सेब,संतरा और धनिया अधिक मात्रा में लेना चाहिए | माइग्रेन (migraine) रोग से  छुटकारा पाने के लिए इन सभी का प्रयोग अधिक मात्रा में खाना चाहिए | 

माइग्रेन के टोटके  


कुछ लोगों का मानना है कि  माइग्रेन के रोग में  कुछ टोटके करने से लाभ मिलता है | माइग्रेन (migraine) के रोगी इन टोटकों को अपना सकते हैं |   

  • सुबह उठकर खाली पेट सूरज निकलने से पहले दही जलेबी खाएं | इस प्रयोग से माइग्रेन (migraine)का दर्द ठीक हो जाता है |

  • सुबह खाली पेट सूरज निकलने से पहले एक पेड़ा के अंदर एक चने के बराबर कपूर रखकर खाएं | इस प्रयोग से माइग्रेन (migraine) का दर्द ठीक हो जाता है | 

माइग्रेन ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद



  • माइग्रेन (migraine) के रोगी को कुछ दिनों तक तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ सुबह खाली पेट चाटना चाहिए | इससे माइग्रेन (migraine) का दर्द कुछ दिनों में ही ठीक हो जाता है |  




  • दूब घास का रस सुबह के समय खाली पेट शहद के साथ सेवन करने से कुछ ही दिनों में माइग्रेन (migraine) रोग ठीक हो जाता है |  


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दूब घास 




  • माइग्रेन (migraine) के रोगी को  पीपल के कोमल पत्तों का रस रोगी को सुबह और शाम को सेवन करने के लिए देना चाहिए इसके प्रभाव से माइग्रेन (migraine) रोग कुछ दिनों में ठीक हो जाता है | 


  • माइग्रेन (migraine) के रोगी तुलसी के पत्तों को छाया में सुखाकर उनका चूर्ण बना लें और चौथाई चम्मच सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से माइग्रेन (migraine) रोग से हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है | 





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