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पेट की बीमारियों का इलाज pet ki bimariyo ka ilaj

पेट की बीमारियों के लक्षण 

pet ki bimariyo ke lakshan 

 

stomuch problum

हम आपको पेट की बीमारियों का इलाज और लक्षण बताने जा रहे है | पेट में गैस का बनना,सीने में जलन, खट्टी डकार आना, बदहजमी,एसिडिटी ,अपच,खाना हजम ना होना, पेट में दर्द, पेट का फूलना, सुबह पेट साफ ना होना, भूख ना लगना,लीवर में गर्मी ,पेट में कब्ज का होना यह सभी रोग पेट की  लक्षण है | इन सभी रोगों के इलाज के लिए कुछ नुस्खे बताने जा रहा हूं | जिनका प्रयोग करके आप हमेशा के लिए पेट के सभी रोगों से छुटकारा पा सकते हैं |  

पेट की बीमारिया क्यों होती है ?

pet ki bimariya kyo hoti hai?


 खाना खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर लेट जाना, खाना खाने के बाद कुर्सी पर घंटों बैठे रहना, खाना सही समय पर ना खाना, ज्यादा देर तक जागना, ज्यादा मदिरा का सेवन करना, बीड़ी सिगरेट गुटखा का सेवन करना, खाली पेट चाय पीना, लिवर में गर्मी, कुछ लोगों की तो ऐसी आदत पड़ चुकी है| बिना बीड़ी सिगरेट गुटखा खाए उनका पेट साफ नहीं होता है | इसमें पाया जाने वाला निकोटीन नामक पदार्थ हमारे लीवर को नुकसान पहुंचाता है। लिवर हमारे शरीर का भोजन पचाने का कार्य करता है और आगे छोटी आंत में भेज देता है। खाली पेट चाय पीने से लीवर में भोजन पचाने वाले एसिड को गर्म कर देता है |  जिस कारण लिवर में गर्मी पैदा हो जाती है और हमारी भूख धीरे-धीरे घटने लगती है | खाना खाते समय खाने के साथ मुंह से निकलने वाली लार भोजन को पचाने में महत्वपूर्ण कार्य करती है | गुटखा खाने वाले इस लार को बर्बाद करते हैं | बाद में यह खाना खाते समय भोजन में ना मिल पाने के कारण भोजन ठीक से नहीं पचता और हमारे शरीर को प्रोटीन ,विटामित नहीं मिलपाते | हम कितना भी अच्छा खाना खा ले सेहत नहीं बन पाती है | हमारी पाचन क्रिया ख़राब हो जाती है |    पाचन क्रिया ख़राब होने के कारण हमारा स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है | गैस कब्ज, एसिडिटी, पेट का फूलना, जैसी पेट की बीमारियों का सामना करना पड़ता है |इन सभी रोगों के इलाज के लिए कुछ नुस्खे बताने जा रहा हूं | यह नुस्खे पेट की बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है | इनका प्रयोग हजारों लोगों पर किया जा चुका है | 


पेट की बीमारियो से बचने के उपाय  pet ki bimariyo se bachne ke upay


  •  खाना खाने के बाद कम से कम 1000 कदम पैदल चलें | 

  •  खाना खाने के बाद 30 मिनट के बाद पानी पीना चाहिए | 

  •  खाना खाते समय बीच में पानी नहीं पीना चाहिए पहले या बाद में पानी पीना चाहिए | 

  •  खाना खाने के बाद तुरंत नहीं सोना चाहिए कम से कम 2 घंटे बाद सोना चाहिए |

  • खाना सही समय पर खाएं सही समय पर सोएं सही समय पर जागे | 
  • सुबह उठने के बाद थोड़ा व्यायाम जरूर करें | 

  • सुबह उठने के बाद गरम पानी पिए | 

  • नहाने के बाद ही खाना खाने की आदत डालें | 

  • सोते समय सीधे हाथ की तरफ करवट लेकर सोये | 

  • रात में खाना कम खाये और हल्का खाना खाये | 

  • पानी ज्यादा से ज्यादा पिया करे | 

  • कभी कभी उपवास भी किया करे | 

 पेट की बीमारियों का आयुर्वेदिक इलाज 

 pet ki bimariyo ka ayurvedic ilaj 


  • इसबगोल की भूसी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती है शाम को 1 चम्मच इसबगोल की भूसी को 1गिलास पानी में डालकर छोड़ दे सुबह उठकर 1 चम्मच मिश्री मिलाकर शर्बत बना ले खाली पेट रोज इसका सेवन करे पहले दिन से आपको पेट की बीमारियों में बहुत लाभ देगा | गैस,कब्ज,एसिडिटी, बदहजमी, भूख न लगना, पेट में जलन,इन सभी पेट की बीमारियों को जड़ से समाप्त कर देगा | 


  • त्रिफला चूर्ण का सेवन करें ।औषधि विक्रेता के यहां से आप खरीद सकते हैं पतंजलि का भी ले सकते हैं ।यदि आप घर पर बनाना चाहते हैं 50 ग्राम हरड़,100 ग्राम बहेड़ा, 200 ग्राम आंवला  तीनों को सुखाकर पीसकर रख लें त्रिफला चूर्ण इसे कहते हैं। आधा चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी के साथ खाना खाने के बाद सेवन करें यह चूर्ण वर्षों पुरानी कब्ज गैस बदहजमी पेट की बीमारियों को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा  | 


  •  जीरा, छोटी इलायची के दाने, काली मिर्च, मिश्री चारों को बराबर 20-20 ग्राम ले और पाउडर बनाकर रख ले ।आधा चम्मच एक कटोरी दही में मिलाकर कब्ज, गैस, एसिडिटी के रोगी को दें । इसके सेवन से कुछ ही दिनों में रोगी की पाचन शक्ति  बढ़ जाएगी और गैस और कब्ज,एसिडिटी की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।पेट की बीमारियों का रामबाण इलाज है | 

 पेट की बीमारियों में परहेज 

pet ki beemariyo me parhej


पेट की बीमारियों के रोगी को ज्यादा तेल मसाले वाला खाना नहीं खाना चाहिए। अंडा मांस मछली का सेवन ना करें  हल्का खाना खाएं जो आसानी से पच सके अंडा मांस मछली जल्दी नहीं पचता इनको पचाने के लिए लीवर को ज्यादा कार्य करना पड़ता है। क्योंकि आयुर्वेद में लिखा है। मनुष्य के पास मांस खाने के ना दांत हैं ना पचाने की आंत है।फलो का रस ,हरी सब्जी,दलिया,खिचड़ी हफ्ते में एक दिन जरूर खाये | 




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