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हर्निया का देसी इलाज harniya ka deshi ilaj

हर्निया रोग क्यों हो जाता है 

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आज हम हर्निया,अपेंडिक्स कि जड़ी बूटी के बारे में बताने जा रहे है | ये हर्निया का देशी इलाज है | यह जड़ी बूटी हर्निया रोग में बहुत कारगर है हर्निया रोग क्यों हो जाता है | यह रोग ज्यादा वेटलिफ्टिंग करने की वजह से या  लंबे समय तक पेट में कब्ज गैस बनी रहने के कारण पेट बढ़ जाने के कारण आंतों में गंदगी जमा रहने के कारण हर्निया रोग हो जाता है | ज्यादातर डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देते | लेकिन आयुर्वेद में इसका इलाज पाया गया है| इसका प्रयोग करने से हर्निया रोग हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है| इसकी पहचान और इसके इस्तेमाल करने की विधि हम आपको बताते हैं यदि इस जड़ीबूटी का लाभ आपको होता है| तो आप ओपरेशन कराने से बच सकते है|  इस जड़ी बूटी का प्रयोग जिन लोगों ने किया है | उन्हें 70% लाभ हुआ है और 30% लोगों को इससे लाभ नहीं हुआ है| यह मेरा आजमाया हुआ नुस्खा है| आप भी प्रयोग करें और लाभ उठाए इसके प्रयोग करने से हर्निया हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा| used third party images

हर्निया के लक्षण 

हर्निया रोग महिला पुरुष या बच्चे किसी को भी यह रोग हो सकता है| यह  रोग पेट से संबंधित होता है |इंग्लिश में इसे अपेंडिक्स कहा जाता है | आंत पेट की झिल्ली फाड़कर अंडकोष के पास आ जाती हैं| और इसमें बहुत दर्द होता है |  जिसे हर्निया कहते हैं| इसे आंत उतरना भी कहा जाता है | ज्यादा ज्यादा देर तक खड़े रहने से यह समस्या और बढ़ जाती जाती है|  पेट पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण हर्निया रोग हो जाता है | आंतों में ज्यादा मल जमा हो जाने के कारण भी हर्निया रोग हो जाता है| 


हर्निया रोग की जड़ी बूटी


 यह जड़ी बूटी आपको किसी जड़ी-बूटी विक्रेता के यहां नहीं मिलेगी | यह जड़ी-बूटी आपको खोज कर लाना होगा और इसका प्रयोग करना होगा | इस औषधि को खेत के किनारे नदी के किनारे तालाब के किनारे पाई जाती है| चांगेरी घास इसका नाम हैं !५ इसकी पहचान और इसके इस्तेमाल करने की विधि हम आपको बताते हैं यदि इस जड़ीबूटी का लाभ आपको होता है| तो आप ओपरेशन कराने से बच सकते है|इस औषधि की पत्ती इसमें तीन पत्ती होती हैं| पीला फूल होता है| इसके पत्ते खाने से खट्टे लगते हैं| इस औषधि को आपको रोगी के कान में डालना है | जिस तरफ हर्निया रोग है| उस साइड के कान में जड़ी बूटी का रस डाल दें और 20 मिनट तक लेटे रहे | एक बार में डालने से ही आपको आराम मिलेगा | लेकिन आप एक से अधिक बार भी डाल सकते हैं 1 दिन में एक बार ही डालना है| ज्यादा से ज्यादा 7 बार इसका प्रयोग कर सकते हैं
इस जड़ी बूटी की फोटो हम डाल रहे हैं | इससे इसकी पहचान करना आसान हो जाएगा जड़ी बूटी लाने के बाद इसे मसल कर इसका रस रोगी के कान मे दो बूंद से 4 बूंद डालना है | इसके प्रयोग करने से हर्निया हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा| 

  हर्निया की जड़ी बूटी से क्या हानि हैं


हर्निया की जड़ी बूटी का प्रयोग करने के बाद रोगी के कान में दर्द होता है| आप किसी अच्छे ड्राप को पहले से ही लाकर रख लें | दर्द होने पर इसका प्रयोग करें| यदि किसी रोगी को कान की कोई समस्या है | फफूंदी या फिर कान से मवाद आता है या कान से सम्बंधित कोई बीमारी है | वह इस औषधि का प्रयोग ना करें| 

यदि आप किसी अन्य रोग से परेशान है तो कमेंट में लिखे हम उसका समाधान करने की पूरी कोशिश करेंगे |
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