बवासीर का देशी इलाज bawaseer ka deshi ilaj ~ harbalist.com ".

बवासीर का देशी इलाज bawaseer ka deshi ilaj

बवासीर का देशी इलाज  

bawaseer ka deshi ilaj 



बवासीर का देसी इलाज आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों द्वारा किया जाता है |यह अँग्रेजी दवाइयों की तुलना में यह बहुत ही सस्ता होता है| आयुर्वेदिक औषधि बवासीर को जड़ से समाप्त कर देती है | यह बीमारी पेट के अंदर होने वाली समस्याओं से पैदा होती है | कब्ज हो जाने के कारण बवासीर के रोगी को बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है यह बहुत बड़ा और भयानक रोग है | ऐसे कई रोगी बीमारी को बताने में शर्म करते  हैं |जब यह दर्द असहनीय हो जाता है| तब डॉक्टर के पास जाते हैं| तब तक यह फिशर या फिस्टुला का रूप ले चुका होता है|  तब तक बहुत देर हो चुकी होती है| डॉक्टर तो हमेशा से ऑपरेशन की सलाह देते आए हैं| लेकिन आयुर्वेद में बवासीर का देशी इलाज है| जिसमें कि ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं पड़ती| बहुत से रोगी सही जानकारी ना मिलने के कारण हजारों रुपए खर्च करते हैं| और ऑपरेशन करा कर आ जाते हैं |ऑपरेशन कराने में कम से कम 50000 का खर्चा आ जाता है| लेकिन यह आयुर्वेदिक दवा 200 से 300 के खर्च में रोगी को स्वस्थ कर देती है | सिर्फ परहेज करना होता है | जो गलतियां उसने पहले की हुई होती है | वह दोबारा ना दोहराए नहीं तो फिर से यह समस्या उत्पन्न हो सकती है| आज हम आपको बवासीर का देसी इलाज की आयुर्वेदिक दवा बताने जा रहे हैं | यह आजमाया हुआ प्रयोग है| हजारों लोग इस जड़ी बूटी से स्वस्थ हो चुके हैं| आप भी आजमाएं और किसी पीड़ित व्यक्ति को यह बीमारी है| तो उसे यह जानकारी जरुर बताएं जिससे कि वह भी लाभ मिल सके और कम से कम खर्च में अपना इलाज कर सके|

बवासीर रोग की पहचान


 बवासीर दो प्रकार की होती है| खूनी बवासीर और बादी बवासीर यह बीमारी मनुष्य के मलद्वार में होती है|  इसमें मलद्वार में मस्से हो जाते हैं| यह  मस्से दो प्रकार के होते हैं| मलद्वार के अंदर और बाहर शुरुआत में यह अंदर होते हैं | और जब इन में सूजन आ जाती है | तो यह मल के साथ बाहर भी आ जाते हैं | रोग बढ़ जाने पर यदि मसूड़ों से खून बह रहा है | तो यह खूनी बवासीर है | और यदि मसूड़ों में सूजन है | और दर्द हो रहा है तो यह बादी बवासीर है| जब यह रोग आखिरी स्टेज में पहुंच जाता है| तो इसे फिशर या फिस्टुला या भगंदर कहते हैं इसका इलाज जितनी जल्दी हो सके कराएं नहीं तो यह कैंसर का रूप ले सकता है|


 खूनी और बादी बवासीर का इलाज 



  •  नागदोन यह पार्कों में या किसी के घर के बाहर बाढ़ के रूप में लगा दी जाती है | यह हरे रंग की होती है इसमें फूल नहीं होते इसमें केवल पत्ते होते हैं| | इसके 2 पत्ते एक काली मिर्च एक टुकड़ा एलोवेरा तीनों को चबाकर खा जाएं खाली पेट सुबह 3 दिन लगातार खाने से किसी भी प्रकार की बवासीर जड़ से समाप्त हो जाएगी यदि ज्यादा पुरानी बवासीर है तो 3 दिन से अधिक भी सेवन कर सकते हैं | 



  •  आंवले का चूर्ण एक चम्मच सुबह खाली पेट पानी के साथ सेवन करें इससे बवासीर में अत्याधिक लाभ मिलेगा| 




  •  आमा हल्दी को पीसकर पाउडर  बना ले एक चम्मच  देसी घी में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर मस्सों पर लगाएं  दर्द में आराम मिलेगा और मस्से सूख कर झड़ जाएंगे| 


  •  एक केले को लेकर उसे बीच से काट ले और कत्था छिड़कने के बाद रात को आसमान के नीचे रख दें सुबह खाली पेट  इसे खा ले यह बवासीर को जड़ से समाप्त करेगा| 



  •  कब्ज को समाप्त करने के लिए केवल त्रिफला चूर्ण एक गिलास गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण शाम को सोने से पहले सेवन करें| सुबह आपका पेट साफ हो जाएगा कब्ज में राहत मिलेगी और जब तक आप इस चूर्ण का प्रयोग करेंगे | कब्ज आपके पेट में कभी नहीं होगी कब्ज नहीं होगी तो बवासीर नहीं होगी | 


  परहेज क्या क्या करें 


  ज्यादा तेल मसालेदार भोजन अचार खटाई चावल उड़द की दाल  बैगन भोजन  या किसी प्रकार का खाने वाला व्यंजन ठंडा करके खाएं| चाय पीना छोड़ दें बीड़ी सिगरेट गुटखा शराब का सेवन बिल्कुल ना करें | हमेशा के लिए यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं  इनका सेवन आप ने शुरु किया तो आने वाले समय में आप फिर से बवासीर के रोगी हो सकते हैं| 

 यह बीमारी यदि आपके किसी नजदीकी पड़ोसी या रिश्तेदार को है यह जानकारी जरूर शेयर करें अपने दोस्तों के साथ फेसबुक व्हाट्सएप सभी जगह शेयर जरूर करें ताकि पीड़ित व्यक्ति इसका लाभ उठा सकें और अपना इलाज कम से कम पैसों में कर सकेl

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